तोह से कहे मोरे नैना
उजरे से हुए मोरे रैना
तोरे मन को मैं जानूँ न
का है ये, मैं पहचानूँ न
पर तोरे अखियन के भवसागर से
मैं बचना चाहूँ न
तोह से कहे मोरे नैना
उजरे से हुए मोरे रैना
पढ़ ले ओ गोरी
का कहें ये तो से
मिले जो इक बार
बिछड़ना चाहें न तो से
होवे है अजब कशिश
ओझल हो जब तू इन नज़रों से
तोह से कहे मोरे नैना
उजरे से हुए मोरे रैना
बस में रहे अब न मोरा जिया
पूछे हर घड़ी मुझसे, आवेंगे कब पिया
देखे तोरे नैनों को जिस पल ये नैन
लगे सागर से मिली नदिया
तोह से कहे मोरे नैना
उजरे से हुए मोरे रैना
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